| 11. | [ संपादित करें ] अघोष कण्ठ्य संघर्षी
|
| 12. | अघोष लिपि चिह्न पर ही दो नुकते लगाए जाते हैं।
|
| 13. | बेआवाज़ कठिनाई से अघोष व्यंजन कठोरता से पूरी तरह अति अश्लील
|
| 14. | स्वरमध्यवर्ती अघोष व्यंजनों का घोष हो जाना तऊद , पऊब, चऊज (लाकुऊलागो;
|
| 15. | घोष व्यंजन के लिये है और वायेँ का अघोष के लिये।
|
| 16. | अन्यथा वे अघोष होती हैं ( जैसा कि “clothe” में): þunor, suð, soþfæst.
|
| 17. | उच् चारण की से यह संघर्षी ( ) का अघोष रूप है ।
|
| 18. | दृढ़ता के साथ उच्चारित वर्ण में जहां प्रतिध्वनि योग्यता कम हो , वह अघोष है।
|
| 19. | ल , एवं स्वरध्वनियों के संपर्क में, अन्यत्र तालव्य अघोष संघर्षी [स् ~] सहस्वन प्रयोग कियाजाता है.
|
| 20. | ल , एवं स्वरध्वनियों के संपर्क में, अन्यत्र तालव्य अघोष संघर्षी [स् ~] सहस्वन प्रयोग कियाजाता है.
|