| 21. | लोकसेवा वस्तुत : परमार्थ की भावना से उद्वेलित होनी चाहिए।
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| 22. | स्वार्थ और परमार्थ की समन्वित सिद्धि होती है।
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| 23. | सुन्दर चरित्र ही से परमार्थ आरम्भ होता है।
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| 24. | अद्वैत ही परमार्थ है और द्वैत माया है।
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| 25. | इसलिए निर्वाण को एक परमार्थ धर्म कहते हैं।
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| 26. | सामाजिक प्रेम का परमार्थ एक ढोंग होता है।
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| 27. | स्वार्थ के बजाय परमार्थ की चिंता की है।
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| 28. | परमार्थ को छोड़ों , पहले अपना स्वार्थ साधों।
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| 29. | परमार्थ शब्दों के द्वारा प्रतिपाद्य वस्तु नहीं है।
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| 30. | परमार्थ ने आचार्य वसुबन्धु की जीवनी लिखी है।
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