| 21. | शबे फुरकत - जुदाई की रात , रिंद - शराबी |
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| 22. | शबे फुरकत की जागी हूँ प्यारे बेट्टो अब तो सोने दो
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| 23. | अरबाब-ए-जूनून पे फुरकत में अब क्या कहिये क्या क्या गुज़रा . ..
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| 24. | शायद न फुर्सद थी न फुरकत के कुछ पल भी ,
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| 25. | मगर उसमें फुरकत का मजमून न हो क्योंकि आज खुशी का दिन है।
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| 26. | रकाबत है या आतिश ज़ालिम , तेरा आना फुरकत का पैगाम हु आ.
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| 27. | फुरकत के दो पल जब वो करीब होता है तब मैं , मैं कहाँ होता हूँ.
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| 28. | फुरकत के तीरों के झेलते रहे सालों , पर आज दिल के पार कर दिया ...........
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| 29. | अमर सिंह फिर से शेर हैं और एम् स को चिडि़याघर समझे फुरकत में लेटे हैं।
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| 30. | दुनिया थम सी गई है यादोंमे तेरी , मेरी आँखे नम-सी हुई है फुरकत के पल ये मुझको
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