| 21. | मन में मिसरी की तरह घुलती नही
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| 22. | *वाणी में मिसरी तो घोलो , बोल-बोल को तोल रे।
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| 23. | मीठ मिसरी के जइसन इ बोली लगे : भरत शर्मा
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| 24. | मन में घुलती रही मिसरी की डली मीलों तक
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| 25. | कृष्ण को क्यों प्यारी है बांसुरी और माखन मिसरी
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| 26. | कभी रूककर इस मिसरी -जैसी नमकीन जैसा इधन डला
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| 27. | तन्हाई के उजाले की मिसरी जो ज़ुबाँ पर रखी
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| 28. | कृष्ण को क्यों प्यारी है बांसुरी और माखन मिसरी . ..
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| 29. | मिसरी अगर घुल जाती तो घोल देता।
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| 30. | चुप्पी उनकी टूटी , गाली मिसरी सी कानों में घोले
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