| 1. | आवृत्ति होने पर परिवृत्ति यमक ,
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| 2. | यदि किसी कारण हम अपनी परिवृत्ति
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| 3. | ‘समाज ' से अभिप्राय है वह परिवृत्ति जिसके साथ व्यक्ति किसी प्रकार
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| 4. | ये सभी परिवृत्ति के आधारभूत संचरण की ही परिवर्धित किस्में हैं।
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| 5. | लोग दिनभर की अपनी परिवृत्ति को यहाँ लाकर छोड दिया करते थे।
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| 6. | किसी दूसरी परिवृत्ति से वैसा सम्बन्ध मानते हैं , तो वह हमारा समाज
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| 7. | ‘ समाज ' से अभिप्राय है वह परिवृत्ति जिसके साथ व्यक्ति किसी प्रकार अपनापन महसूस करे।
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| 8. | प्रहासक ( वरलेस्क) के मुख्य रूप हैं परिवृत्ति (अनुकृति काव्य, पैरोडी) व्यंग चित्रण (कैरीकेचर) और छद्मरूपक (ट्रावेस्ट्री)।
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| 9. | इस प्रकार पर्यावरण वह परिवृत्ति है जो मनुष्य के चारो तरफ से घेरे हुए है ।
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| 10. | प्रहासक ( वरलेस्क) के मुख्य रूप हैं परिवृत्ति (अनुकृति काव्य, पैरोडी) व्यंग चित्रण (कैरीकेचर) और छद्मरूपक (ट्रावेस्ट्री)।
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