| 1. | सामवेद ज्ञानयोग , कर्मयोग और भक्तियोग की त्रिवेणी है।
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| 2. | इसमें सामवेद पारायण महायज्ञ का अनुष्ठान किया जाएगा।
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| 3. | ऋग्वेद अग्नि तथा सामवेद सूर्य से सम्बद्घ है।
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| 4. | - केनोपनिषद् ( सामवेद तलवकार(ब्राह्मण), खण्ड 1, मंत्रा 6)।
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| 5. | ३ . सामवेद में मुहम्मद ( सल्लo )
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| 6. | ३ . सामवेद में मुहम्मद ( सल्लo )
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| 7. | सामवेद और अथर्ववेद का कोई आरण्यक नहीं है।
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| 8. | महर्षि का यजुर्वेद सामवेद पर पूर्ण अधिकार था।
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| 9. | वेद चार हैं- ऋग्वेद , यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद।
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| 10. | षडविंश-ब्राह्मण कौथुमशाखीय सामवेद का द्वितीय महत्त्वपूर्ण ब्राह्मणग्रन्थ है।
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