प्रौढ़ ऐसिडियन में विस्थापित एवं विकसित बैगची के इन आवश्यक गुणों के अतिरिक्त कुछ विशेष लक्षण भी मिलते हैं।
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सभी कशेरुकी एवं कॉर्डेटों में उपर्युक्त विशेषताएँ मिलती हैं, जो ऐसिडियन एवं अन्य सचोलियों की विकास की मुख्य पंक्ति के साथ संबद्ध करती है।
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सामूहिक ऐसिडियन बहुधा पीले, भूरे, लाल, हरे एव नीले रंगकणों के द्वारा अभिरीजेत होते है तथा समूह का आकार तारा सदृश, (जैसे बोट्रिलस (Botryllus)
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सर्वप्रथम जगत्प्रसिद्ध दार्शनिक अरस्तू (384-322 ईसा पूर्व) ने एक सामान्य “ ऐसिडियन ” (ascidian) का विवरण प्रस्तुत किया था।
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सभी कशेरुकी एवं कॉर्डेटों में उपर्युक्त विशेषताएँ मिलती हैं, जो ऐसिडियन एवं अन्य सचोलियों की विकास की मुख्य पंक्ति के साथ संबद्ध करती है।
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लिनियस (Linnaeus) तथा उनके बाद के कुछ प्राणिविज्ञानियों ने कई “ ऐसिडियन ” जंतुओं को मस्तकरहित मोलस्का (Mollusca) के साथ एक वर्ग में रखा।
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में कॉवलेफस्कि (Kowalevsky) ने एक सामान्य ऐसिडियन की वृद्धि के विषय में अनुसंधान लेख प्रकाशित कर, यह प्रकट किया कि इसके बैगची डिंभक (tadpole larva) में कॉडेंटा के प्रमुख गुण वर्तमान होते हैं, तथा बैंगची के वयस्क में कायांतरण (metamorphosis) होने के समय, ये गुण क्रमश: लुप्त हो जाते हैं।
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सामूहिक ऐसिडियन बहुधा पीले, भूरे, लाल, हरे एव नीले रंगकणों के द्वारा अभिरीजेत होते है तथा समूह का आकार तारा सदृश, (जैसे बोट्रिलस (Botryllus) में), सीढ़ी की तरह पंक्तिबद्ध, (जैसे बोट्रिलायड (Botrylloids) में), या गुच्छ के रूप में, जैसा पोलिक्लिनम (Polyclinum) में, होता है।