हो सकता है अंगूर को गांड मरवाने में आने वाले आनंद का ना पता हो पर वो तो इस समय मुझे हर प्रकार से खुश कर देना चाहती थी।
12.
मैंने कहा-नहीं! इसका बैंड बजा डाल! फिर मुझे मजा आयेगा! और सुन, बिना संकोच के जो जी आये, करना पर इसे खुश कर देना! और देख अपने कपड़े सेक्स करते समय ही हटाना, इसे नंगे बदन पर कपड़ों की रगड़ रोमांचित करती है।
13.
वह बोली-“ तुं ठीक कह रही है सरिता, पति को जिस चीज में ख़ुशी मिले औरत को वही काम करना चाहिये, मैंने सोच लिया है कि आज मैं स्कोच भी पीउंगी और इनके साथ खुल कर चुदाई भी करुँगी, आज मैं इनको पुरी तरह खुश कर देना चाहती हूँ, ”