प्रतिभागियों को यह नहीं पता होता कि उन पर प्रेक्षण किया जा रहा है. नीतिशास्त्रीय दिशानिर्देश पर विचार किया जाना चाहिए जब गुप्त प्रेक्षण किया जा रहा है.
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प्रतिभागियों को यह नहीं पता होता कि उन पर प्रेक्षण किया जा रहा है. नीतिशास्त्रीय दिशानिर्देश पर विचार किया जाना चाहिए जब गुप्त प्रेक्षण किया जा रहा है.
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नीतिशास्त्रीय चिंतन में “आकस्मिकवाद” इस तथ्य का प्रतिपादन करता है कि मानसिक परिवर्तन आकस्मिक और अकारण भी होते हैं, तथा पूर्वनिश्चित कारणों एवं प्रेरक तत्वों के अभाव में भी स्वेच्छया संचालित मानसिक व्यापार स्वत: गतिशील रहते हैं;