उनके गुरू श्री लोमेश शिव के साथ-साथ राम में भी असिम श्रद्धा रखते थे।
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उशीनर तीर्थ के बाद मुनि लोमेश ने कहा उद्दालक के पुत्र वेतकेतु इस पृथ्वी में
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लोमेश जी धर्म के तत्त्वज्ञ, सम्पूर्ण शास्त्रों के विशिष्ट विद्वान, दीर्घायु और महात्मा हैं।
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इन मुकाबलों में लोमेश रिषी, मोहन कौर, पवन पराशर, तिलक राज, अनिल कुमार निर्णायक मंडल में शामिल रहे।
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इस प्रकार अपमानित होकर भी गुरु श्री लोमेश ने शिष्य की भलाई कर गुरु-शिष्य संबंधों को नई ऊंचाईयां दी।
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यंहा तक की लोमेश ऋषि ने विष्णु और शिव को एक ही स्वरुप मानते है और कहते है:-जो विष्णु है.
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वैसे मुंबई की एक अन्य डिटेक्टिव एजेंसी ग्लोब ग्रुप के डायरेक्टर लोमेश राय कहते हैं कि कई मामलों में शंकाएं गलत भी साबित होती हैं।
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लोमेश जी बोले: प्रजाजनों! श्रावण मास के शुक्लपक्ष में जो एकादशी होती है, वह ' पुत्रदा ' के नाम से विख्यात है।
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लोगों को अपने निकट आया देख लोमेश जी ने पूछा: ” तुम सब लोग किसलिए यहाँ आए हो? अपने आगमन का कारण बताओ।
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नुक्कड़ नाटक में सचिन गौतम, आलोक देशमुख, पुष्कल मिश्रा, आदित्य, ऋषभ, श्रेयांश, मनीष, धानेश्वर, आशुतोष, दीपेश, नितिन, अभिषेक एवं लोमेश ने पात्र की भूमिका निभाई।