किन्तु आश्चर्यजनक बात यह है कि हमारे कुछ आधुनिक विद्वान भी धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण पत्र पाने की होड़ में उसे एक धर्मनिरपेक्ष और हिन्दू तथा हिन्दू मंदिरों के प्रति सहानुभूति रखने वाला मजहबी कट् टरता से ऊपर सहदय बादशाह प्रमाणित करने में एड़ी-चोटी का जोर लगाते फिरते हैं।
12.
शरीफ़? *******८ भद्र तोरण पथ मेहराब लाखा आहिस्ता से संभालनाअना दयामय कृपा करते हुए विनीत कृपा करते हुए विनीत श्ह्रद्धापूर्ण तोरण पथ चापाकार में उठाना बुरी सुशील सुदंर चापाकार में उठाना चापाकार में फैलना सिखाने योग्य चापाकार में फैलना मजेध्दार सहदय चाप जैसा बनाना बारीक़ पाठनीय मुश्किल कठिन अच्छा
13.
ऐसे ही परिस्थितियों में हिंदी साहित् य ने फणिश् वर नाथ रेणु, बाबा नागार्जुन जैसे साहित् यकारों को पैदा किया था, कोशी क्षेत्र के साहित् यकारो्ं के अतिरिक् त हवलदार त्रिपाठी सहदय ने तो बिहार की नदियों पर पुस् तक ही लि खी जिसकी उपादेयता आज भी बरकरार है.