बुकपोस्ट के बंडल हैं कई, पाँच-सात-दस इन पोथों में शायद ही हो रस का दरस-परस. फिर एक-एक को समालोचक है खोलता, कुंचन ललाट पर है और होठ डोलता. ‘
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ऐसी स्थिति में ऊष्मावर्धक केंद्र कंकालपेशियों को आवेग भेजकरउनकी संक्रियता को बढ़ा देता है और शरीर में कंपन होने लगता है कंपन की क्रियापेशियों के क्रमशः संकुचन एवं शिथिलन से होती है और अधिक अनैच्छिक कुंचन होनेलगते हैं--काँपना तथा दाँतों को किटकिटाना.