| 31. | थोड़े-से काल के बीच हमारे साहित्य के भीतर जितनी अनेकरूपता का विकास हुआ
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| 32. | इनकी भाषा में वह अनेकरूपता है जो एक बड़े कवि में होनी चाहिए।
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| 33. | सविशेषता की ओर, एकरूपता से अनेकरूपता की ओर प्रवृत्त होता है, प्रकृति की
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| 34. | जगत् की अनेकरूपता और हृदय की अनेक भावात्मकता के सहारे अंधाकूपता से बाहर
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| 35. | रहित जो अनेकरूपता होगी यह भिन्न भिन्न वस्तुओं की होगी, एक ही वस्तु की
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| 36. | प्रत्यक्ष अनेकरूपता आने पर भी उनका संबंध भावों के मूल रूपों और उनके मूल
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| 37. | इतनी अनेकरूपता है कि एक प्रदेश के निवासी को दूसरे दूरस्थ प्रदेश के विवरण
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| 38. | लेखों और निबंधों की अनेकरूपता को देखते हुए उनका वर्गीकरण किया जा सकता है।
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| 39. | कबीर के चित्रों (इमैजरी) में न वह अनेकरूपता है, न वह मधुरता।
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| 40. | इस अनेकरूपता का प्रधान कारण मानव प्रकृति की जटिलता तथा मानवीय श्रेय की विविधरूपता है।
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