| 31. | क्यों अमृत में गरल घोलते [कविता]-अमिता 'नीर'
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| 32. | एक घूंट में.... पी किया सारा गरल
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| 33. | हाँ, मैं गरल में गु म....!
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| 34. | बचा हुआ था शिव से जो, वह सारा गरल पिया
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| 35. | गरल पी चुका हूँ, गरल पी रहा हूँ।।
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| 36. | गरल पी चुका हूँ, गरल पी रहा हूँ।।
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| 37. | प्रेम का गरल पी मरणासन्न हुआ है
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| 38. | क्षमा शोभती उस भुजन्ग को, जिसके पास गरल हो.
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| 39. | “क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो,
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| 40. | क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो,
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