| 31. | मात्रा १ माशा गर्म जल वा गोमूत्र के साथ लेने से तिल्ली का रोग नष्ट हो जाता है ।
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| 32. | फिर उस पर थोड़ा सा तिल्ली का तेल और गुड़ डाल कर पेड़ा बनाएं और एक तरफ लगा दें।
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| 33. | रोजाना सुबह 25 ग्राम इस अचार को खाने से प्लीहा वृद्वि (तिल्ली का बढ़ना) दूर हो जाती है।
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| 34. | इससे पहले 2009 में सुतानटी केंद्रित पंडाल, 2008 में माचिस की डिब्बी व तिल्ली का पंडाल काफी चर्चित हुआ था।
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| 35. | 25 ग्राम रोजाना सुबह इस अचार को खाने से तिल्ली का बढ़ना (प्लीहा वृद्धि) दूर हो जाता है।
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| 36. | पानी मे तिल्ली के दाने, तो नहाने के लिये तिल्ली का उबटन, खाने मे हर चीज़ मे तिल्ली।
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| 37. | इस में से १ माशा गाय की छाछ के साथ प्रतिदिन लेने से तिल्ली का रोग नष्ट हो जाता है ।
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| 38. | ज्योतिर्विद व्यास कहते हैं कि काला कपड़ा, काले तिल, तिल्ली का तेल, लोहे का ताला-कूंची दक्षिणा के साथ दान देनी चाहिए।
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| 39. | प्रकाश के लिए आप गाय का घी का इस्तेमाल करें, मूंगफली या तिल्ली का तेल इनको शीघ्र प्रसन्न करता है.
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| 40. | सब-टोटल (आंशिक) स्प्लेनेक्टोमी शल्य या आंशिक तिल्ली का एम्बोलिज़तिओन के वक़्त, तिल्ली का छोटा हिस्सा बचा के रखने की कोशिश किया जाती है.
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