| 41. | तृतीय पेशी की लंबी, पतली कंडरा भी पार्ष्णि पर उपर्युक्त कंडरा के पास लगती है और उसकी सहायक हैं।
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| 42. | तृतीय पेशी की लंबी, पतली कंडरा भी पार्ष्णि पर उपर्युक्त कंडरा के पास लगती है और उसकी सहायक हैं।
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| 43. | Condyle) तथा पास के पूर्वपृष्ठ से निकलकर जंघा की अस्थियों को ढकती हुई कंडरा में परिणत हो जाती हैं।
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| 44. | तृतीय पेशी की लंबी, पतली कंडरा भी पार्ष्णि पर उपर्युक्त कंडरा के पास लगती है और उसकी सहायक हैं।
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| 45. | तृतीय पेशी की लंबी, पतली कंडरा भी पार्ष्णि पर उपर्युक्त कंडरा के पास लगती है और उसकी सहायक हैं।
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| 46. | इस प्रकार पहली कंडरा जानुपृष्ठ के खात (popliteal fossa) की बहि: सीमा और शेश दोनों अंत: सीमा बनाती हैं।
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| 47. | त्रिशिरस्का तीन शिरों द्वारा निकलकर, प्रगंडास्थि के सारे पिछले पृष्ठ को ढकते हुए कुहनी के नीचे जाकर, कंडरा द्वारा अंत:
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| 48. | इसके बीच के भाग में एक कंडरा है, जो प्रावरणी के एक भाग द्वारा प्रथम पर्शुका पर लगी हुई है।
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| 49. | त्रिशिरस्का तीन शिरों द्वारा निकलकर, प्रगंडास्थि के सारे पिछले पृष्ठ को ढकते हुए कुहनी के नीचे जाकर, कंडरा द्वारा अंत:
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| 50. | इसके बीच के भाग में एक कंडरा है, जो प्रावरणी के एक भाग द्वारा प्रथम पर्शुका पर लगी हुई है।
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