English मोबाइल
साइन इन साइन अप करें
हिंदी-अंग्रेजीh > कृमि रोग" उदाहरण वाक्य

कृमि रोग उदाहरण वाक्य

उदाहरण वाक्य
41.कृमि रोग ” मानते है / कृमि रोग के उपचार के लिये ऐसे बहुत से योग शास्त्रों में बताये गये है जिनकी सन्ख्या हजारों मे होगी जिनमे एकल औषधि से लेकर रस औषधि और कीमती धातुओं तक के योग दिये गये है / यह सभी इस रोग के उपचार के लिये प्रभाव कारी हैं /

42.कृमि रोग ” मानते है / कृमि रोग के उपचार के लिये ऐसे बहुत से योग शास्त्रों में बताये गये है जिनकी सन्ख्या हजारों मे होगी जिनमे एकल औषधि से लेकर रस औषधि और कीमती धातुओं तक के योग दिये गये है / यह सभी इस रोग के उपचार के लिये प्रभाव कारी हैं /

43.हरड़-रुखी, उश्ण, हल्की और रसीली है, यह “ वास, कास, प्रमेह, अशZ, उदर रोग, कृमि रोग, संग्रहणी, स्तम्भकत्त्व, विशमज्वर, गोला, अफारा, फोड़े, वमन, पीलिया, कामला आदि रोगों को दूर करती है इसमें कड़वा और तीखा रस है।

44.आयुर्वेद मे इसे “कृमि रोग” मानते है / कृमि रोग के उपचार के लिये ऐसे बहुत से योग शास्त्रों में बताये गये है जिनकी सन्ख्या हजारों मे होगी जिनमे एकल औषधि से लेकर रस औषधि और कीमती धातुओं तक के योग दिये गये है / यह सभी इस रोग के उपचार के लिये प्रभाव कारी हैं /

45.टांसिल-हल्दी चूर्ण को शहद में मिलाकर टांसिल पर लगायें कोड़-गौमूत्र में तीन से पांच ग्राम हल्दी मिलाकर पीने से लाभ होता है मूत्ररोग-ताज़ी हल्दी एवं आंवले के दो-दो चम्मच रस में शहद डालकर पीने से प्रमेह में आराम मिलता है कृमि-७० प्रतिशत बच्चों को कृमि रोग होता है ताज़ी हल्दी का आधा से एक चम्मच रस रोज़ पिलाने से बालकों के कृमि रोग दूर होते हैं अंजीर रात को भिगोकर सुबह खाली पेट खिलाने से भी कृमिरोग दूर होते हैं

46.टांसिल-हल्दी चूर्ण को शहद में मिलाकर टांसिल पर लगायें कोड़-गौमूत्र में तीन से पांच ग्राम हल्दी मिलाकर पीने से लाभ होता है मूत्ररोग-ताज़ी हल्दी एवं आंवले के दो-दो चम्मच रस में शहद डालकर पीने से प्रमेह में आराम मिलता है कृमि-७० प्रतिशत बच्चों को कृमि रोग होता है ताज़ी हल्दी का आधा से एक चम्मच रस रोज़ पिलाने से बालकों के कृमि रोग दूर होते हैं अंजीर रात को भिगोकर सुबह खाली पेट खिलाने से भी कृमिरोग दूर होते हैं

  अधिक वाक्य:   1  2  3  4  5
अंग्रेज़ी→नहीं। नहीं।→अंग्रेज़ी