इनके अलावा अर्जुन छाल में पाए जाने वाले अन्य महत्वपूर्ण घटक है:-1. खनिज लवण:-अर्जुन छाल में 34% के लगभग तो अकेला कैल्सियम कार्बोनेट ही पाया जाता है | इसके अतिरिक्त इसमें सोडियम, पोटेशियम, मैग्नेशियम और एल्युमिनियम आदि अन्य क्षार भी पाए जाते है | इन्हीं खनिज लवण की प्रयाप्त उपलब्धता के कारण ही अर्जुन छाल ह्रदय की मांसपेशियों में सूक्ष्म स्तर पर कार्य करके अपना औषधीय प्रभाव प्रकट करती है | 2.
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कीटों तथा हाइड्रा (hydra) वर्गों में कठोर भाग ऐसे पदार्थ के होते हैं जिसे काइटिन कहते हैं, अनेक स्पंज और डायटम (diatom) बालू के बने होते हैं, कशेरुकी की अस्थियों में मुख्यत: कैल्सियम कार्बोनेट और फ़ॉस्फेट होते हैं, प्रवालों (coral), एकाइनोडर्माटा (Echinodermata), मोलस्का (mollusca) और अनेक अन्य प्राणियों में तथा कुछ पादपों में कैल्सियम कार्बोनेट होता है और अन्य पादपों में अधिकांशत: काष्ठ ऊतक होते हैं।
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कीटों तथा हाइड्रा (hydra) वर्गों में कठोर भाग ऐसे पदार्थ के होते हैं जिसे काइटिन कहते हैं, अनेक स्पंज और डायटम (diatom) बालू के बने होते हैं, कशेरुकी की अस्थियों में मुख्यत: कैल्सियम कार्बोनेट और फ़ॉस्फेट होते हैं, प्रवालों (coral), एकाइनोडर्माटा (Echinodermata), मोलस्का (mollusca) और अनेक अन्य प्राणियों में तथा कुछ पादपों में कैल्सियम कार्बोनेट होता है और अन्य पादपों में अधिकांशत: काष्ठ ऊतक होते हैं।
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मिलावट के कुछ कारन ऐसे भी है जो अवैध नहीं है जैसे खाद्य पदार्थो में एक रूपता बनाये रखने के लिए कुछ ऐसे पदार्थ मिलाये जाते है जिससे खाद्य पदार्थो का रंग रूप एवं सुवास लम्बे समय तक सामान रहे जिसमें कुछ वृक्षों के बीजों से तैयार (एन्नोट रंग) दूसरा कारन खाद पदार्थो को लम्बे समय तक सरंक्षित रखने के लिए रसायनों की आशिंक मात्रा मिलायी जाती है जिनसे खाद पदार्थो मैं सूक्ष्म जीव, बैक्टीरिया फंगस की वृद्दि न हो जैसे आचार सॉंस में साइट्रिक एसिड, एसिटिक असिड दूध में कैल्सियम कार्बोनेट!