जानिए किस कोण के कम या अधिक होने से क्या लाभ या हानि होती है एवं दोष युक्त भूखंड को कैस प्रश्न: यदि कोई भूखंड चतुर्भुजाकार है किंतु उसके कोण सही नहीं हैं, अर्थात् 900 के नहीं हैं, तो विभिन्न दिशाओं व कोणों के साथ कौन-कौन
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कुंडली में सूर्य-शनि, सूर्य-राहू का योग केंद्र त्रिकोण 1, 4, 5, 7, 9, और 10 भाव में हो अथवा लग्न का स्वामी 6, 8, या 12 भाव में हो एवं राहु लग्न भाव में हो तो इसी कुण्डली भी पितृ दोष युक्त होती है।