| 41. | धारामापी के संकेतक को स्वलेखी बनाकर आर्द्रता का मान ग्राफ पर अंकित भी किया जा सकता है।
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| 42. | इस धारामापी में यह त्रुटि नहीं होती और यह सरल स्पर्शज्या धारामापी से अधिक सूक्ष्मग्राही होता है।
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| 43. | इस धारामापी में यह त्रुटि नहीं होती और यह सरल स्पर्शज्या धारामापी से अधिक सूक्ष्मग्राही होता है।
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| 44. | इस धारा को दूसरी कुंडली के आर पार ए धारामापी (galvanometer) जोड़कर ज्ञात किया जा सकता है।
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| 45. | दिष्ट धारा नापनेवाला अमीटर अधिकतर कोई चलकुंडल धारामापी होता है, जिसके समांतर एक पार्श्ववाही तार जुड़ा रहता है।
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| 46. | परिपथ की अधिकांश धारा पार्श्ववाही में होकर बहती है और कुछ थोड़ा भाग धारामापी की कुंडली में से।
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| 47. | इसलिए ऐसे धारामापी दिष्ट अथवा प्रत्यावर्ती धारा दोनों ही के नापने के प्रयोग में लाए जा सकते हैं।
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| 48. | अवरोध के परिवर्तन से धारा घटती बढ़ती है, अत: धारामापी की मापनी पर आर्द्रतामान पढ़ा जा सकता है।
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| 49. | इस धारामापी में कुंडली एक अचालक ढाँचे पर बँधी रहती है और इस कारण उसमें भंवर धारा नहीं उत्पन्न होती।
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| 50. | धारामापी के श्रेणीक्रम में समुचित मान का बड़ा प्रतिरोध (इसे मल्टिप्लायर) लगाकर इसे वोल्टमापी की भांति प्रयोग किया जाता है।
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