वर्तमान में इसे बड़ा ही आकर्षक बनाया गया है, प्रतिदिन रात्री को लाइट एंड साउंड [ध्वनि एवं प्रकाश] के माध्यम से महाभारत युद्ध के प्रमुख भागो को प्रदर्शित किया जाता है, इसके लिए शाम के समय पहुचना आवश्यक है, इसके लिए कुछ ही राशि व्यय करना होती है, यहाँ ही प्राचीन कल को बरगद का वृक्ष भी है।
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इन भित्तिचित्रों में पिठौरा के साथ-साथ खेत जोतता हुआ भील कृषक गाय एवं बछड़ा, बन्दर, कुआँ-बावली, दही मथकर मक्खन निकालते हुए युगल, ऊँट, राजा रावण, पनिहारिनें, सांप, बिच्छू, सूर्य, चन्द्रमा, बाघ, ताड़का वृक्ष तथा उस पर चढ़कर ताड़ी उतारते हुए एवं ताड़ी पिलाते हुए व्यक्ति, विश्राम हेतु बरगद का वृक्ष, खजूर का वृक्ष, मधुमक्खी का छत्ता एवं उससे टपकता हुआ शहद आदि अभिप्रायों का चित्रण किया जाता है।