ज्यूरिख में फ्रांसीसी अवंत-गर्दे ट्रिस्टान ज़ारा (जिनके मिथ्या नाम का अर्थ था “देश में दुखी,” इस नाम को चुनने का कारण अपने देश रोमानिया में यहूदियों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध था), से निरंतर संपर्क द्वारा डाडा गतिविधियों के सामानांतर ही कार्य करता था, ट्रिस्टान ज़ारा गिलेयुम एपोलिनेयेर, एंड्रे ब्रेटन, मैक्स जेकब ओर क्लीमेंट पैनसेयर्स अन्य फ्रांसीसी लेखकों, आलोचकों व कलाकारों के साथ पत्रों, कविताओं और पत्रिकाओं का आदान-प्रदान करते थे.
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ज्यूरिख में फ्रांसीसी अवंत-गर्दे ट्रिस्टान ज़ारा (जिनके मिथ्या नाम का अर्थ था “देश में दुखी,” इस नाम को चुनने का कारण अपने देश रोमानिया में यहूदियों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध था), से निरंतर संपर्क द्वारा डाडा गतिविधियों के सामानांतर ही कार्य करता था, ट्रिस्टान ज़ारा गिलेयुम एपोलिनेयेर, एंड्रे ब्रेटन, मैक्स जेकब ओर क्लीमेंट पैनसेयर्स अन्य फ्रांसीसी लेखकों, आलोचकों व कलाकारों के साथ पत्रों, कविताओं और पत्रिकाओं का आदान-प्रदान करते थे.
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[11] [12] बुतपरस्ती के सर्वनाश के सन्दर्भ में एक बिशप द्वारा आदेश जारी किए जाने पर चौथी सदी में इस संरचना को लूट लिया गया और ध्वस्त कर दिया गया. “ पॉम्पी ' स पिल्लर ” एक मिथ्या नाम है क्योंकि पॉम्पी के साथ इसका कोई लेना-देना नहीं है, जिसे 293 में शायद डोमिटियस डोमिटियानस के विद्रोह की याद में, डायोक्लेटियन के लिए बनवाया गया था.