| 1. | है वह उस दीप्त, अकाय अनाहत के पास
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| 2. | महाकाश का नाद-अनाहत १ ७ ।
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| 3. | शब्द तथा चित्र अनाहत तक छूट जाते हैं।
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| 4. | यह शब्द बहुत अदभुत है, अनाहत अंगी।
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| 5. | वह निगेटिव ध् वनि ही अनाहत कहलाती हे।
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| 6. | बारह पंखुडियों वाला ये चक्र अनाहत कहलाता है।
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| 7. | अनाहत नाद को सुनना इसका उद्देश्य है ।
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| 8. | अनाहत नाद है, ध्वनि और स्पन्दन है।
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| 9. | अनाहत चक्र के भेदन से योगी वासनाओं (सूक्ष्म
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| 10. | ” काशी क्षेत्र ” {अनाहत चक्र-ह्रदय}
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