मानवी-काया में काम करने वाली अनेकों शक्तियों का उद्गम केन्द्र यही है ।।
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भारत मानवीय सत्ता की किया शक्ति, ज्ञान शक्ति और इच्छा शक्ति का उद्गम केन्द्र रहा है।
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इन दो केन्द्रों में से ज्ञान केन्द्र को गायत्री का और काम केन्द्र को-कुण्डलिनी का उद्गम केन्द्र कहा गया है ।
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कारण यह कि शब्दों के कंपन सूक्ष्म प्रकृति से अपनी जाति के अन्य परमाणुओं को लेकर ईथर का परिभ्रमण करते हुए जब अपने उद्गम केन्द्र पर कुछ ही क्षणों में लौट आते हैं, तो उनमें अपने प्रकार की विशेष विद्युत शक्तियाँ भरी होती हैं और परिस्थिति के अनुसार उपयुक्त क्षेत्र पर उन शक्तियों का एक विशिष्ट प्रभाव पड़ता है।