| 1. | रहिमन नीर पखान, बूड़ै पै सीझै नहीं ।
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| 2. | पीर बन नीर बहे अब क्यों और कैसे
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| 3. | नयन जो देखा कंवल भा निरमल नीर सरीर।
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| 4. | जिसमे नीर क्षीर का सही विवेक होता है.
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| 5. | ” मैं नीर भरी दुख की बदली..
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| 6. | और हम डरे डरे, नीर नयन में भरे,
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| 7. | उँगली को धोते हुए लोचनों के नीर से,
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| 8. | लहू गिरता क़तरा क़तरा, चक्षु भरे नीर
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| 9. | नीरू बहुत नीर पाया तुमने और हमने भी।
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| 10. | जमुनाके नीर तीर धेनु चरावत खेलत राधा प्यारी॥२॥
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