दिङ्नाग वाक्य
उच्चारण: [ dinegnaaga ]
उदाहरण वाक्य
मोबाइल
- किन्तु कीथ ने प्रशस्तपाद को दिङ्नाग का परवर्ती माना जबकि प्रो. शेरवात्स्की और प्रो.
- लोग कहते थे कि दिङ्नाग ने केवल वाद-विवाद एव जय-पराजय मूलक तर्कशास्त्रों की रचना की है।
- आचार्य दिङ्नाग के प्राय: सभी ग्रन्थ विशुद्ध प्रमाणमीमांसा से सम्बद्ध तथा स्वतन्त्र एवं मौलिक ग्रन्थ हैं।
- धर्मकीर्ति की व्याख्या की वजह से दिङ्नाग समस्त बुद्ध वचनों के उत्कृष्ट व्याख्याता और महान रथी सिद्ध हुए।
- इस प्रकार हम विशुद्ध ज्ञानमीमांसा और निरपेक्ष प्रमाणमीमांसा का प्रादुर्भाव दिङ्नाग के बाद घटित होते हुए देखते हैं।
- धर्मकीर्ति द्वारा प्रणीत सभी ग्रन्थों के विषय वे ही रहे हैं, जो दिङ्नाग के प्रमाणसमुच्चय के हैं।
- इन सब साक्ष्यों के आधार पर आचार्य दिङ्नाग का काल ईस्वीय पाँचवीं शताब्दी का पूर्वार्द्ध मानना समीचीन मालूम होता है।
- * आर्य असङ्ग, वसुबन्धु आदि आगमानुयायी तथा आचार्य दिङ्नाग, [[धर्मकीर्ति बौद्धाचार्य | धर्मकीर्ति]] आदि युक्ति-विज्ञानवादी हैं।
- नागदत्त को लगा कि दिङ्नाग हमारा अपमान कर रहा है और अपने निकाय के सिद्धान्तों के प्रति उसे अविश्वास है।
- दिङ्नाग बौद्धाचार्य का जन्म दक्षिण भारत के काञ्चीनगर के समीप सिंहवक्त्र नामक स्थान पर विद्या-विनयसम्पन्न ब्राह्मण कुल में हुआ था।
- जबकि डॉ॰ रामचन्द्र पाण्डेय इसे दिङ्नाग (6 वीं शती) तथा वाचस्पति मिश्र (नवम शती) के मध्य मानते हैं।
- कुमारिल ने दिङ्नाग का खण्डन तो किया है, किन्तु धर्मकीर्ति का नहीं, जबकि धर्मकीर्ति ने कुमारिल का खण्डन किया है।
- किन्तु एक बात असन्दिग्ध हैं कि धर्मकीर्ति के ग्रन्थों के प्रकाश में आने के बाद दिङ्नाग के ग्रन्थों का अध्ययन गौण हो गया।
- आचार्य धर्मकीर्ति के इस सत्प्रयास से दिङ्नाग के बारे में जो मिथ्या दृष्टियाँ और भ्रम उत्पन्न हो गये थे, उनका निरास हुआ।
- इसलिए आचार्य दिङ्नाग और धर्मकीर्ति यद्यपि महायान के अनुयायी हैं, फिर भी यह कहा जा सकता है कि ये दोनों सौत्रान्तिक आचार्य थे।
- आचार्य दिङ्नाग ने जब ' प्रमाणसमुच्चय ' लिखकर बौद्ध प्रमाणशास्त्र का बीज वपन किया तो अन्य बौद्धेतर दार्शनिकों में उसकी प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक था।
- इस प्रकार यदि प्रशस्तपाद तथा प्रशस्तमति एक ही व्यक्ति हैं तो निश्चित रूप से यह कहा जा सकता है कि प्रशस्तपाद दिङ्नाग के पूर्ववर्ती हैं।
- उन्होंने केवल बौद्धेतर विद्वानों की ही आलोचना नहीं की, अपितु कुछ गौण विषयों में अपना मत दिङ्नाग से भिन्न रूप में भी प्रस्तुत किया।
- युक्ति-अनुयायी सौत्रान्तिक दर्शन-प्रस्थान के विकास में नि: सन्देह आचार्य धर्मकीर्ति का योगदान रहा है, किन्तु इसका प्राथमिक श्रेय आचार्य दिङ्नाग को जाता है।
- दिङ्नाग के बाद आचार्य धर्मकीर्ति ने दिङ्नाग के ग्रन्थों में छिपे हुए गूढ़ तथ्यों का प्रकाशन करते हुए सात ग्रन्थों (सप्त प्रमाणशास्त्र) की रचना की।
दिङ्नाग sentences in Hindi. What are the example sentences for दिङ्नाग? दिङ्नाग English meaning, translation, pronunciation, synonyms and example sentences are provided by Hindlish.com.