| 1. | सारस्वतारिष्ट: बुद्धिवर्द्धक, आयु, वीर्य एवं कांतिवर्धक है।
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| 2. | सारस्वतारिष्ट: बुद्धि वर्द्धक, आयु, वीर्य एवं कांतिवर्धक है।
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| 3. | इसका सेवन कांतिवर्धक माना जाता है।
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| 4. | लैनोलिन का उपयोग कांतिवर्धक प्रसाधन के निर्माण में होता है।
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| 5. | * संदर्भित शल्य चिकित्सा केवल कांतिवर्धक (कॉस्मेटिक) है।
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| 6. | इस कारण मलहम, चर्मलेप, कांतिवर्धक अंगराग, प्रसाधन पाउडर आदि में इसका व्यवहार होता है।
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| 7. | इस कारण मलहम, चर्मलेप, कांतिवर्धक अंगराग, प्रसाधन पाउडर आदि में इसका व्यवहार होता है।
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| 8. | वर्तमान काल में अनेक वस्तुएँ त्वचा को प्रभावित करती हैं, जिनमें नाई का उस्तरा और कांतिवर्धक वस्तुएँ (
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| 9. | वर्तमान काल में अनेक वस्तुएँ त्वचा को प्रभावित करती हैं, जिनमें नाई का उस्तरा और कांतिवर्धक वस्तुएँ (cosmetics) मुख्य हैं।
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| 10. | गो-नवनीत (मक्खन) कांतिवर्धक, अग्निप्रदीपक, महाबलकारी, वातिपत्तनाशक, रक्तशोधक, क्षय, बवासीर, लकवा एवं श्वांस आदि रोगों को दूर करने में सहायक होता है।
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