पर आख़िर यह पूर्वभास होते कैसे हैं और क्यों होते हैं?
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पर आख़िर यह पूर्वभास होते कैसे हैं और क्यों होते हैं?
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पर आख़िर यह पूर्वभास होते कैसे हैं और क्यों होते हैं?
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पूर्वाभास कों नकारा नहीं जा सकता पर बहुत बार पूर्वभास होता है पर वो सही नहीं होता और इंसान उसे भूल जाता है...
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पूर्वाभास कों नकारा नहीं जा सकता पर बहुत बार पूर्वभास होता है पर वो सही नहीं होता और इंसान उसे भूल जाता है...
8.
ज़िंदगी में अक्सर हमे पूर्वभास होने लगता है. किसी का ख़्याल अचानक से आ जाता है, संसार में जो कुछ होता है उसके पीछे कुछ ना कुछ कारण ज़रूर होता है कुछ का पता लग जाता है!
9.
खुली बाजार व्यवस्था में चरित्र के जिस पहलु को सबसे ज्यादा इनाम मिलता है, वह है उद्यमी के तौर पर बिंदासपन और पूर्वभास, जुआ लगाने की ताकत और नए अवसरों को बनाने और उन्हें पाने की क्षमता।
10.
जब हम किसी घटना को सुनते हैं तो वो हमारे दिमाग़ पर अंकित हो जाते हैं और जब हम किसी घटना को सुनते हैं या देखते हैं उसका संकेत हमारे मस्तिष्क तक चला जाता है, मस्तिष्क अपने पास संग्रहित अनुभवों से उस घटना का मिलान करता है तब कोई निर्णय लेता है यही निर्णय व्यक्ति को आभास या पूर्वभास के रूप में महसूस करता है..