The scions of the poor Emperor were killed and he himselfby now old and helplesswas sent off to end his days in exile in Burma . बेचारे बादशाह के वंशजों को मार दिया गया और स्वयं उन्हें , जो अब तक वृद्ध और असहाय हो चुके थेंअपने अंतिम दिन बिताने के लिए वर्मा निष्कासित कर दिया गया .